Saturday, September 12, 2009

ब्लॉग?

Friends, The below given blog post is to test - if I can type an Hindi Script! 


Thanks to Google, it allows online translation and has some amazing features where you type the script in English and then it converts the entire script, word by word in Hindi language. 


I am trying to learn this and put this into this very blog as a test. Its rather difficult but not impossible. Let's see if this can be done in Hindi!





नमस्ते ! क्या हिन्दी में भी ब्लॉग लीखे जा सकते है? यह ब्लॉग मैं टेस्ट करना चाहता हूँ... क्यों की बड़ा अजीब लगता है जब आप हिन्दी  लीपी, अंग्रेज़ी में टाइप करतें है...खैर, गूगल की टेक्नोलॉजी इतनी अच्छी है की, कुछ भी शाक्य है ! 

मुझे अपनी स्कूल के दिनों में कबीर दास जी के दोहे अच्छे लगते...पर पता नही की वोह (कबीर दस जी) ज़माने की देवनागरी  लीपी आज के गूगल की हिन्दी से ताल मेल करेगी की नही... यह इक टेस्ट ब्लॉग है , अगर हिन्दी लिपि अच्छी आती है , टाइप अच्छी होती है तोः कभी-कभार अपनी हिन्दी सुधरने की कोशीस ज़रूर करूँगा ! नीचे देवनागरी लीपी के कबीर दस जी के दोहे...

जब में था तब हरी नहीं
जब हरी है, मेरा मन नही... 
सब अँधेरा मिट गया
जब दीपक देखिया महीन... 


  पोथी पोथी पढ़ कर जग मुआ, पंडित हुआ कोए, 
ढाई अक्षर प्रेम का, पढे सो पंडित होए!


बुरा जो देखन में चला, बुरा मिलिया कोए, 
जो मनन खोजा आपना, तोः मुझसे बुरा कोए! 


जैसे तिल में तेल है, ज्यों चकमक में आग,
तेरा साईं तुझ में है, तू जाग सके तोः जाग! 


  माया मरी मन मारा, मर मर गए शरीर, 
आशा तृष्णा मरी, कह गए दस कबीर 


अकथ कहानी प्रेम की, कुछ कही जाए, 
गूंगे केरी सरकारा, बैठे और मुस्कुराये !


इक कहूँ तोः है नहीं, दो कहूँ तो गाली
हेई जैसा तैसा रहे , कहे गए दास कबीर! 


  माला फेरत जग भया, मिटा मन का फेर, 
कर के  मन का चोर देख मन का मनका फेर!


कबीर सूता क्या करे, कूरे काजनिवार, 
जिस पंथु तू चलना, सोये पंथ सवार!! 


  चिंता से चतुराई घटे, दुःख से घटे शारीर,  
पाप से धन-लक्ष्मी घटे... कहे गए दास कबीर... 


  चलो, थोड़ा हिन्दी टाइप तोः हो गयी ...इट्स नोट गुड, पर कुछ तोः टाइप हो गया...थैंक्स गूगल!