Thursday, September 17, 2009

Chemical Locha!

Below given Hindi Shaayari is about a boy who falls in love with his pretty classmate and explains about his love in chemical langugage...
 


ना यह केमेस्ट्री होती , न में स्टुडेंट होता ...
ना यह केमेस्ट्री होती , न में स्टुडेंट होता,
ना यह लैब होती ,  न यह  मन का एक्सीडेंट होता 
लव को सोचा था इक एक्सपेरिमेंट की तरह !

  
अभी परेक्तकल में आयी इक लड़की 
अभी परेक्तकल में आयी इक लड़की... 
सुउंदर थी नाक उसकी टेस्टट्यूब जैसी  
बातों में थी उसकी ग्लूकोस की मीठास !





साँसों में एस्टर  की खुशबू भी साथ थी 
आँखों से झलक ता था कुछ इस तरह का प्यार 
बीन  पीये ही हो जाता था अल्कोहोल का खुमार 
अंधेरे में होता था रेडियम का अहसास, नज़रें मिली, रिएक्शन हुआ !


कुछ इस तरह लव का प्रोडक्शन हुआ 
लगाए कुछ इस तरह घर के चक्कर ऐसे 
नुक्लेओउस के चारों और हो एलेक्ट्रोंस जैसे 
उस दीन हमारे लव टेस्ट का जैसे कांफ्रोंटेशन हुआ !


जब  उसके बाप से हमारा इन्त्रोदुक्शन हुआ !


सुन  के हमारी चेमेस्ट्री वोह कुछ इस तरह उचल पडे 
इग्नेसियम  ट्यूब में जैसे सोडियम भड़क पडे 
वोह बोले, होश में आओ, पहच्चन अपनी औकाद 
आइरोंन  मील नही सकता कभी गोल्ड के साथ !


अब  उसकी यादों के बीना हमारा काम नही चलता था  
और लैब में हमारे दील के बीना कुछ जलता नही था 
 जींदगी हो गयी उनसतुरतेद हाइड्रोकार्बन की तरह 
और  हम फीरते हेई आवारा खाली हाइड्रोजन की तरह !