Wednesday, August 15, 2012

जय हिंद ... वर्तुलआकार जय हिंद !


स्वधर्म अपने ईस्टदेव को समर्पित...
स्वतन्त्र अपने स्वदेस को समर्पित...
देस का कर्मस्य ...
प्रकृति में उपवन...
हे ! कल्याण पुरुष ... हे ! कल्याणी ...
सब से परम सुधरम...

आप सभी को...शुभ कामनाये